“Vivek Express” भारत मैं सब से लम्बी दुरी तय करने वाली ट्रेन हैं ……

"Vivek Express"

ट्रेन हमेशा से ही लोगों को रोमांचित करती आई है, यात्रियों को देश के एक छोर से दूसरे छोर तक ले जाने की बात हो या फिर कोई सामान को एक छोर से दूसरे छोर ले जाने की बात भारतीय रेलवे का योगदान हमेशा रहा है। भारतीय रेलवे इंडियन ट्रांसपोर्ट सिस्टम की हमेशा से ही रीड रही है। आज हम आपको एक ऐसी ट्रेन के बारे में बता रहे है जो भारत में सबसे लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेन है जिसका नाम vivek express है।

आइए इस ट्रेन के बारे में कुछ रोचक तथ्य जानते हैं


विवेक एक्सप्रेस भारत के उत्तरी पूर्वी राज्य असम और दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु को आपस में जोड़ती है यह ट्रेन 4273 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इस सफर को तय करने में इसे औसतन 80 घंटे वह 15 मिनट का समय लगता है।
पूरी यात्रा के दौरान या ट्रेन कुल 57 स्टेशनों पर ठहरती है। विवेक एक्सप्रेस ट्रेन का नाम भारत की सबसे लंबी दूरी तथा सबसे लंबे समय तक सफर करने के लिए रिकॉर्ड दर्ज है।
vivek express को स्वामी विवेकानंद की 150 में जन्म दिवस के शुभ अवसर पर शुरू किया गया था से 2011 12 के रेलवे बजट में स्वीकृति प्रदान की गई थी।

"Vivek Express"

vivek express इन 7 राज्यों से होकर गुजरती है उनके नाम इस प्रकार हैं:-

  • केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम

यह ट्रेन दो इंजनों पर चलती है। आधी यात्रा डीजल इंजन पर तय करती है ,और शेष यात्रा इलेक्ट्रिक इंजन पर करती है। विवेक एक्सप्रेस 50 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा की स्पीड से संचालित होता है। इस ट्रेन में कैटरिंग सुविधाएं दी हैं इसमें जनरल बोगियों के साथ ही स्लीपर व एसी कोच भी है।vivek express एक साप्ताहिक ट्रैन है। यह कन्याकुमारी से दोपहर में 2:45 बजे चलती है और डिब्रूगढ़ पांचवे दिन सवेरे 3 बजकर 30 मिनट पर पहुंचती है।विवेक एक्सप्रेस के बाद दूसरे स्थान पर सबसे ज्यादा लंबा सफर तय करने वाली ट्रेन हिमसागर एक्सप्रेस है, जो माता वैष्णो देवी कटरा से कन्याकुमारी तक की यात्रा करती है। ट्रेन 72 घंटे और 30 मिनट की अपनी यात्रा में 3,785 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जिसका मतलब है कि तीन दिन और 30 मिनट में यह अपने गंतव्य पर पहुंच जाती है। ट्रेन सोमवार रात 9.55 बजे कटरा से चलकर गुरुवार रात 10.55 बजे कन्याकुमारी पहुंचती है।

कुछ रोचक तथ्य हमारे भारतीय रेलवे के बारे में जानते हैं:-

164 साल का हो गया है रेलवे:-

रेलवे 164 साल का हो गया है।

पहली ट्रेन 164 साल पहले 16 अप्रैल को मुंबई से थाने के लिए रवाना हुई थी।
रेलवे में 15 लाख से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। भारतीय रेलवे दुनिया का 9 वां सबसे बड़ा नियोक्ता है।
देश में कुल 7,500 स्टेशन हैं। पहला कंप्यूटर बेस्ड टिकट रिजर्वेशन नई दिल्ली में साल 1986 में शुरू हुआ था।

ड्राइवर को मिलती है इंजीनियर से ज्यादा सैलरी:-

रेलवे की वेबसाइट irctc.co.in दुनिया की सर्वाधिक देखी गई वेबसाइट में से एक है।

इसपर हर मिनट लगभग 12-14 लाख विजिटर होते हैं।

भारतीय रेल नेटवर्क इतना बड़ा है कि पटरियों से पृथ्वी को एक बार घेरा जा सकता है।

एक ट्रेन ड्राइवर (लोको-पायलट) को सॉफ्टवेयर इंजीनियर से भी ज्यादा सैलरी मिलती है।

इन्हें लगभग 1 लाख रुपये प्रतिमाह सैलरी मिलती है।

Amit Shrivastava

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